Kartarpur Corridor: पहले जत्थे को पाकिस्तान से मंजूरी का इंतजार, वीआईपी भी होंगे शामिल

करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन को महत तीन दिन बचे हैं और अब तक पाकिस्तान ने करतारपुर के रास्ते जाने वाले श्रद्धालुओं के जत्थे को मंजूरी नहीं दी है। करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन 9 नवंबर को होना है और इस दिन पहले जत्थे में कईं वीआईपी भी जाएंगे। भारत की तरफ से इस रास्ते से जाने वाले श्रद्धालुओं के पहले जत्थे में शामिल प्रमुख सिख नेताओं और अन्य गणमान्य श्रद्धालुओं की सूची पाकिस्तान को दी गई थी जिसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।

पूरे मामले में पाकिस्तान अपनी मनमानी करता नजर आ रहा है और कॉरिडोर से जाने वाले पहले जत्थे के लिए की गई तैयारियों का जायजा तक नहीं लेने दिया है। इतना ही नहीं भारत से किसी भी तरह की जानकारी लिए बिना ही पाकिस्तान ने श्रद्धालुओं के कार्यक्रमों और समय के संबंध में एकतरफा फैसला भी कर लिया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने पिछले हफ्ते एक बयान में यह जानकारी दी थी कि भारत सरकार ने गुरुद्वारा जाने के इच्छुक श्रद्धालुओं की सूची पाकिस्तान को सौंपी है, ताकि उन्हें वीजा मिल जाए। लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है।

माना जा रहा है कि यह सब पाक पीएम इमरान खान के द्वारा जारी बयान से पैदा हुए भ्रम के कारण हो रहा है। उन्होंने हाल ही में अपने बयान में कहा था कि करतापुर कॉरिडोर से पहले दिन गुरुद्वारा जाने वाले श्रद्धालुओं को पासपोर्ट की जरूरत नहीं होगी। वहीं दोनों देशों के बीच तय हुई बातों में पासपोर्ट को भी जरूरी बनाया गया है। गुरु नानक की 550वीं जयंती के संबंध में भारत और अन्य देशों से सिख तीर्थयात्री ननकाना साहिब में आने लगे है

सिखों का इतिहास वीरता, बलिदान की कहानी : कोविंद

सिख धर्म के प्रवर्तक गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित गुरुवाणी गायन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी शामिल हुए। राष्ट्रपति ने कहा कि गुरु नानक देव लोगों के दिलों में आज भी जिंदा हैं। उन्होंने कहा कि सिख समुदाय का इतिहास वीरता और बलिदान की कहानी है।

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