कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर छिड़ी सियासत, शिवसेना ने बताया पोहा खाने वालों का अपमान

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय द्वारा बांग्लादेशियों को पोहा खाने की वजह से पहचानने वाले बयान पर सियासत शुरू हो गई है। इस बयान के जवाब में शिवसेना की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। शिवसेना ने इसे पोहा खाने वालों को अपमान बताया है। विजयवर्गीय पर तंज कसते हुए शिवसेना ने कहा कि इंदौर के नेता ने पोहा खाने वालों का अपमान किया है। शिवसेना ने सवाल किया कि आखिर पोहा खाने वाले बांग्लादेशी कैसे हैं? बता दें कि कैलाश विजयवर्गीय ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा था कि कुछ मजदूरों को उन्होंने पोहा खाते हुए देखा था जब उन्होंने इसकी पड़ताल की तो वह बांग्लादेशी निकले।

इस बयान पर शुरू हुआ बवाल

जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने गुरुवार को एक आयोजन में चौंकाने वाला खुलासा किया था। उन्होंने कहा था कि उनके घर संदिग्ध बांग्लादेशी काम कर रहे थे। विजयवर्गीय ने बताया कि छोटे बेटे का विवाह अगले महीने है। उसका कमरा मजदूर तैयार कर रहे थे। जब मैं घर पहुंचा तो पांच-छह मजदूर एक ही थाली में पोहे खा रहे थे। मैंने नौकर को कहा कि उन्हें खाना क्यों नहीं दिया तो नौकर ने कहा कि ये सिर्फ पोहे ही खाते हैं।

मैंने मजदूरों से पूछा कि कहां से हो तो वे बता नहीं पाए, क्योंकि उन्हें हिंदी नहीं आती थी। सुबह ठेकेदार से पूछा कि मजदूर कहां के रहने वाले हैं तो उसने कहा कि शायद दूसरे देश के हैं। मैंने उससे पूछा कि तुम उन्हें मेरे यहां क्यों लाए तो ठेकेदार ने कहा कि वे पैसे कम लेते हैं। सुबह 9 से रात 9 बजे तक काम करते हैं। हम दोनों समय खाना व 300 रुपए देते हैं, जबकि हमारे यहां के मजदूर 600 लेते हैं। बाद में विजयवर्गीय से इस संबंध में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा इस मामले में शिकायत नहीं की, आशंका थी मजदूर बांग्लादेश के हैं।

डेढ़ साल से आतंकी कर रहा था रैकी

विजयवर्गीय ने यह भी बताया कि उन्हें ज्यादा सुरक्षा पसंद नहीं है। मंत्री था तब भी साथ में सुरक्षाकर्मी नहीं रखता था। लेकिन घुसपैठिए देश के कई हिस्सों में हैं। जब मैं घर से बाहर निकलता हूं तो छह-छह बंदूकधारी मेरे साथ रहते हैं, क्योंकि इंदौर में डेढ़ साल से एक आतंकी उनकी रैकी कर रहा था, इसलिए उन्हें सुरक्षा मिली है।

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