RBI ने दिया उम्मीदों को झटका, रेपो रेट में नहीं किया कोई बदलाव

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने सस्ते कर्ज की उम्मीद लगाए बैठे आम आदमी को झटका दिया है। RBI ने दो दिनी चली मौद्रिक नीति की बैठक में रेपो रेट में कमी करने से इन्कार कर दिया। यदि रेपो रेट में कमी होती तो बैंक ग्राहकों को सस्ते ब्याज पर कर्ज दे सकते थे। RBI ने पिछली समीक्षा बैठक के बाद रेपो रेट को 5.15 फीसदी पर स्थिर रखा था। अभी भी यह दर रहेगा। रिवर्स रेपो रेट भी 4.90 फीसदी पर बरकरार है। RBI इससे पहले लगातार 5 बार ब्याज दरों में कटौती कर चुका है। इस दौरान रेपो रेट में 1.35 फीसदी की कमी आई है।

बेरोजगारी दर 6.1 प्रतिशतः सरकार

इस बीच, रोजगार के संबंध में नए और व्यापक सर्वेक्षण के जरिए जुटाए जा रहे आंकड़ों के मुताबिक देश में बेरोजगारी का स्तर 6.1 प्रतिशत है। श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष गंगवार ने बुधवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी।

गंगवार ने उधा सदन में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक सवाल के जवाब में बताया कि सर्वेक्षण की प्रक्रिया में बदलाव के बाद सांख्यिकी मंत्रालय ने सालाना आधार पर नया बेरोजगारी सर्वेक्षण 2017-18 किया गया। इसके तहत किए गए पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे (पीएलएफएस) के आंकड़ों के अनुसार भारत में श्रम बल की भागदारी 36.9 प्रतिशत और बेरोजगारी दर 6.1 प्रतिशत है।

गंगवार ने स्पष्ट किया कि इस सर्वेक्षण के आंकड़ों की तुलना पहले के सर्वेक्षण से नहीं की जा सकती, क्योंकि इस सर्वेक्षण में सैंपल साइज पहले से अलग और व्यापक हैं। गंगवार ने 2012 के बाद अब तक बेरोजगारी की दर बढ़ने की रिपोर्टों को अप्रमाणित बताते हुए कहा कि पीएलएफएस सर्वेक्षण के आंकड़ों को ही इस बारे में आधिकारिक माना जा सकता है।

श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री ने कहा कि सरकार ने प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार के सही आंकड़े जुटाने के लिए सर्वेक्षण का पुराना तरीका 2016 से रोक दिया। इसके बाद नया सर्वेक्षण सांख्यिकी मंत्रालय की मदद से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछली पद्घति की खामियां दुरुस्त करके नए सर्वेक्षण की पूरी रिपोर्ट आने में समय लगेगा।

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