औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति का काम अपने हाथ में लेगा उद्योग विभाग

प्रदेश में उद्योगों को आकर्षित करने के लिए कमलनाथ सरकार अब एक और नया प्रयोग करने जा रही है। इसके तहत विशेष तौर पर बनाए जाने वाले औद्योगिक क्षेत्र (पार्क) में बिजली की आपूर्ति का काम उद्योग विभाग अपने हाथ में लेगा। सरकार के स्तर पर इसको लेकर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। जल्द ही प्रस्ताव कैबिनेट में अंतिम निर्णय के लिए रखा जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है, ताकि उद्योगों को सस्ती दर पर बिजली मिल सके।

बताया जा रहा है कि उद्योग विभाग पॉवर जनरेटिंग कंपनी से बिजली लेगा और उसे उद्योगों को देगा। इसमें विद्युत वितरण कंपनी द्वारा लिए जाने वाले कुछ शुल्क से छूट दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि बाबई औद्योगिक क्षेत्र में बल्क फार्मा प्रोजेक्ट को लेकर केंद्र सरकार से बातचीत अंतिम दौर में है।

भोपाल से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर स्टेट हाईवे से लगे बाबई फार्म को औद्योगिक क्षेत्र के तौर पर विकसित करने की कोशिशें जनविरोध के चलते पूरी नहीं हो पाई हैं। दरअसल, स्थानीय लोग नहीं चाहते हैं कि ऐसा कोई भी उद्योग नर्मदा नदी से लगे इस क्षेत्र में लगे जो प्रदूषण फैलाता हो।

यही वजह है कि सरकार ने यहां खाद्य प्रसंस्करण, भंडारण और दवा उद्योग को प्रमुखता देने की रणनीति बनाई है। उद्योगों की बड़ी समस्या महंगी बिजली है। इससे उन्हें राहत देने के लिए उद्योग विभाग ने खुद बिजली आपूर्ति का काम हाथ में लेना तय किया है। इसमें विभाग पॉवर जनरेटिंग कंपनी से करार करेगा और बिजली मुहैया कराएगा।

इसमें उद्योगों को बिजली की आपूर्ति कंपनी की लागत दर में मामूली सरचार्ज के साथ होगी। दरअसल, सरकार उद्योग प्रोत्साहन नीति के तहत प्रदेश में उद्योग लगाने वालों को कई तरह की छूट देती है। इसमें बिजली सबसिडी भी शामिल है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि विशेष आर्थिक क्षेत्र (सेज) में इसी मॉडल पर सस्ती बिजली उपलब्ध करवाई जाती है।

प्रमुख सचिव उद्योग डॉ. राजेश राजौरा का कहना है कि सरकार उद्योग मित्र माहौल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सस्ती दर पर बिजली मिले, इसके लिए रुफ टॉप सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट मंडीदीप में प्रायोगिक तौर पर शुरू किया गया है। विशेष क्षेत्र में बिजली आपूर्ति का नया मॉडल लाने की भी तैयारी चल रही है। नीतिगत निर्णय सरकार के स्तर से होगा।

एमपी एग्रो से ली जाएगी एक हजार एकड़ जमीन

सूत्रों का कहना है कि उद्योग विभाग बाबई फार्म की एक हजार एकड़ जमीन एपी एग्रो इंडस्टीज कार्पोरेशन से औद्योगिक पार्क के लिए लेगा। इसको लेकर प्रस्ताव भी तैयार हो चुका है। अभी विभाग के पास 16 सौ एकड़ जमीन है, जो वर्ष 2012 में दी गई थी।

कमलनाथ सरकार की मंशा इस क्षेत्र को खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक और फार्मा उद्योगों के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की है। इसको लेकर रिलायंस समूह के अध्यक्ष मुकेश अंबानी के साथ चर्चा का एक दौर भी हो चुका है। बाबई फार्म का कुल क्षेत्र तीन हजार एकड़ से ज्यादा का है। यहां कोका कोला सॉफ्ट ड्रिंक बनाने वाली हिंदुस्तान ब्रेवरीज को 110 एकड़ जमीन दी जा चुकी है।

उद्योगों में बढ़ी बिजली की खपत

प्रदेश में औद्योगिक इकाईयों में बिजली की खपत लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2017-18 की तुलना में वर्ष 2018-19 में उच्च दाब के कनेक्शन वाले उद्योगों में करीब 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बीते एक साल में 302 उद्योगों में बिजली खपत शुरू हुई। इससे करीब 15 प्रतिशत औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि का अनुमान लगाया जा रहा है।

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