किसानों तक पहुंचे 11 हजार करोड़ रुपये, लॉकडाउन खुलते ही गति पकड़ेगी अर्थव्यवस्था

मध्‍य प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए शिवराज सरकार ने ग्रामीणों के हाथों में पैसे पहुंचाने के बड़े काम को अंजाम दे दिया है। अब तक 23 लाख से ज्यादा किसानों के खातों में 11 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंचाए जा चुके हैं। 12 लाख किसानों से 80 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है।

इनमें से आठ लाख 30 हजार किसानों के खातों में साढ़े आठ हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया है। वहीं, करीब 15 लाख किसानों को दो हजार 990 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री फसल बीमा के दिए गए हैं। चना, मसूर और सरसों की खरीदी का काम भी चल रहा है। वहीं, मनरेगा में 16 लाख ग्रामीणों को काम दिया जा रहा है, इसमें भी दो सौ रुपये की मजदूरी प्रतिदिन के हिसाब से बन रही है। वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लॉकडाउन खुलने के बाद अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सबसे जरूरी चीज ग्रामीणों के पास पैसा होना चाहिए।

इसके लिए रणनीति बनाकर कोरोना संक्रमण के जोखिम के बीच सावधानियों के साथ साढ़े चार हजार से ज्यादा खरीदी केंद्रों पर गेहूं खरीदा गया। इसके कारण ग्रामीणों के बैंक खातों में अब तक साढ़े आठ हजार करोड़ रुपये आ चुके हैं और माह अंत तक यह आंकड़ा दस हजार करोड़ रुपये को पार कर जाएगा। वहीं, दो हजार 990 करोड़ रुपये फसल बीमा के दिए जा चुके हैं।

सहकारी बैंकों को निर्देश दिए जा चुके हैं कि 50 फीसद से ज्यादा राशि कर्ज में समायोजित न की जाए। इसी तरह श्रमिकों, छात्रों, रसोइयों, अनुसूचित जनजाति की महिलाओं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन के हितग्राही, महिला स्व-सहायता समूहों को भी लगभग दो हजार करोड़ रुपये दिए गए हैं। यह पैसा लॉकडाउन में जैसे-जैसे छूट बढ़ती जाएगी, वैसे-वैसे बाजार में आता जाएगा और मांग बढ़ेगी।

इससे आर्थिक गतिविधियों का पहिया घूमने लगेगा। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चना, मसूर और सरसों की खरीदी भी अब गति पकड़ रही है। इसका भुगतान भी जल्द से जल्द कराने की व्यवस्था बनाई जा रही है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीण विकास विभाग को निर्देश दिए हैं कि मनरेगा की मजदूरी में विलंब न हो, इसका ध्यान रखा जाए। केंद्र सरकार ने भी 661 करोड़ रुपये मनरेगा के लिए दिए हैं। कुल मिलाकर अब सरकार का फोकस इस बात पर है कि डेढ़ माह से ठप पड़ी आर्थिक गतिविधियां तेजी के साथ शुरू हों। यही वजह है कि लोक निर्माण, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी जैसे निर्माण विभागों को काम शुरू करने के लिए कह दिया है।

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