मजदूर और किसानों के खातों में पहुंचाए 16 हजार करोड़ रुपए

लॉकडाउन में आर्थिक गतिविधियां ठप होने से किसान, मजदूर और गरीबों पर आए संकट को मध्य प्रदेश सरकार ने काफी हद तक संभाल लिया है। पिछले 45 दिन में दो करोड़ 94 लाख गरीब, मजदूर और किसानों के खातों में विभिन्न माध्यमों से 16 हजार 489 करोड़ रुपए पहुंचाए जा चुके हैं। कोरोना संकट के कारण राज्य के कर में आई राजस्व की कमी के बावजूद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेहतर वित्तीय प्रबंधन के चलते विभिन्न योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभांवित किया गया है। इससे लोगों के पास नकदी की कमी नहीं होगी और लॉकडाउन खुलने के बाद अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी। लॉकडाउन के कारण आर्थिक गतिविधियां रुकने की वजह से गांव हो या शहर, सब जगह काम बंद हो गए थे। इसकी वजह से न तो ग्रामीणों के पास कोई काम रह गया था और मजदूर भी फैक्टरियां बंद होने के कारण घर वापस लौट आए थे।

फसलों की कटाई नहीं होने के कारण गेहूं, चना, मसूर की फसलें खेतों में खड़ी हुई थीं। पहले चलवाए हार्वेस्टर, फिर शुरू की गेहूं की खरीदी सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सबसे पहले हार्वेस्टर को लॉकडाउन में चलाने की इजाजत दी, जिससे फसल कटाई हुई और फिर समर्थन मूल्य पर खरीद का काम शुरू किया। अब तक 12 लाख 61 हजार किसानों से 87 लाख 43 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। इसके एवज में किसानों को लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का भुगतान खातों में करवाया जा चुका है। फसल बीमा के 2981 करोड़ 15 लाख किसानों को दिए 15 लाख किसानों के खातों में फसल बीमा योजना के दो हजार 981 करोड़ रुपए जमा कराए गए।

प्रधानमंत्री आवास योजना के एक लाख 86 हजार 658 हितग्राहियों के खातों में 692 करोड़, संबल योजना में एक हजार 963 हितग्रहियों को 41 करोड़ 33 लाख, सहारिया, बैगा एवं भारिया जनजाति की दो लाख 36 हजार 362 महिलाओं को आहार अनुदान योजना में 44 करोड़ 60 लाख, आठ लाख 85 हजार निर्माण श्रमिकों को 177 करोड़ रुपए, राज्य के बाहर फंसे एक लाख 31 हजार श्रमिकों को 13 करोड़ 10 लाख, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के 46 लाख हितग्राहियों को 562 करोड़ रुपए, मध्यान्ह भोजन योजना के 87 लाख बच्चों को 117 करोड़, दो लाख 10 हजार रसोईयों को 42 करोड़ रुपए, 52 लाख छात्रों को विभिन्न छात्रवृत्तियों के तहत 430 करोड़ रुपए, गोशाला में चना, भूसा आपूर्ति के लिए 29 करोड़ 85 लाख, पंच परमेश्वर योजना में पंचायतों को 156 करोड़ रुपए और प्रधानमंत्री किसान मान धन योजना के तहत 68 लाख 13 हजार किसानों को एक 362 करोड़ 60 लाख रुपए उपलब्ध कराए गए हैं।

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