दमोह के किसान के बेटे ने यूपीएससी में रैंक हासिल की, बिना कोचिंग ऑनलाइन पढ़ाई से पाई सफलता

दमोह। यूपीएससी की परीक्षा में दमोह के युवाओं ने अपने क्षेत्र का नाम रौशन किया है। दमोह के लिए खुशी और गौरव की बात यह है कि बिना कोचिंग के पहले ही प्रयास में इन युवाओं ने सफलता प्राप्त करने का काम किया है। किसान के बेटे ने पहली बार में ही परीक्षा पास की, तो दमोह के केंद्रीय विद्यालय से पढ़ाई करने वाले दूसरे छात्र ने भी जिले का नाम रोशन किया। बिना कोचिंग लिए किताबों से और ऑनलाइन शुरू से पढ़ाई कर प्रखर सिंह ने यूपीएससी पास की है। प्रखर सिंह ने कोटा से 12वीं पास की और वहीं से इनका चयन आईटी खड़कपुर में हो गया। एमटेक करते ही मुंबई की कंपनी में कैंपस सिलेक्शन हो गया। नौकरी करते हुए प्रखर ने तैयारी चालू रखी। प्रखर ने 2018 जून में नौकरी छोड़ दी थी और घर पर ही किताबों की मदद और ऑनलाइन सोर्सेज से पढ़ाई करता रहा। कोचिंग क्लास ज्वाइन नहीं की और फरवरी के शुरूआत में दिल्ली जाकर इंटरव्यू प्रैक्टिस के लिए अलग-अलग क्लासें की और यूपीएससी की तैयारी की और पहली बार में ही 242वीं रैंक से परीक्षा पास की।

किसान के बेटे ने पहली बार में हासिल की सफलता :  
उपकाशी हटा के समीपस्थ ग्राम डौली के होनहार युवा ने ऑल इंडिया लेवल पर होने वाले यूपीएससी की परीक्षा में संंदीप पटेेेल ने 464 वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। संंदीप पटेेेल के पिता दीप नारायण पटेल पेशे से किसान हैैं। उन्हें कृषि से कोई खास मदद नहीं होने और गले का कैंसर होने से उनकी माली हालत खराब थी, लेकिन अपने बेटे की तमन्ना पूरी करने के लिए दीप नारायण ने उसे कक्षा पहली से ही पढ़ाई के लिए उसके मामा के यहां भेज दिया। जहां से कक्षा 12वीं की परीक्षा के बाद एक टेस्ट में विशेष दक्षता के चलते उसेे दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रवेश मिल गया और वहीं से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और पहले ही प्रयास में अपनी जगह बना ली।

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