लगातार 24 घंटों तक बोलकर गरीब छात्रों के लिए जमा किए 6 लाख रुपये

गरीब छात्रों की स्‍कॉलरशिप का इंतजाम करने के लिए बेंगलुरु के एक शख्‍स ने अनोखा काम किया। 52 साल के टी के चंद्रमौलि खड़े होकर लगातार 24 घंटों तक बोलते रहे। ऐसा करके उन्‍होंने डोनेशन के जरिए 6 लाख रुपये जमा किए। यह धनराशि विद्यादान स्‍कॉलरशिप के जरिए जरूरतमंद छात्रों को मुहैया कराई जाएगी। यह स्‍कॉलरशिप इंदिरानगर रोटरी ग्रुप की एक परियोजना है।

चंद्रमौलि बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। वे टोस्‍टमास्‍टर, ट्रेनर, थिएटर आर्टिस्‍ट, ट्रैवलर, स्‍पोर्ट्स पर्सन, वाइन टेस्‍टर, रोटेरियन और स्‍टोरीटेलर के रूप में जाने जाते हैं। उन्‍हें इस अनोखे कारनामे की तैयारी में पूरे नौ महीने लगे।

24 घंटे लगातार बोलने का उनका यह कार्यक्रम 16 मार्च को सुबह 8 बजे शुरू हुआ और अगले दिन सुबह 8 बजे तक चलता रहा। इसमें उन्‍होंने अपनी जीवनयात्रा के बारे में बताया। शुरुआत उन्‍होंने अपना परिचय देकर की। इसके बाद उन्‍होंने अपने परिवार, स्‍कूल, कॉलेज, दोस्‍तों के बारे में बताया। फिर पुराने बेंगलुरु फिल्‍मों और थियेटर की जानकारी दी।

अपने अनुभव साझा किए
उन्‍होंने श्रोताओं के साथ रूस, अलास्‍का, केन्‍या और हिमालय की अपनी यात्राओं से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्‍होंने बताया, ‘मैं हैंडराइटिंग एनलिस्‍ट हूं साथ ही एक प्रानिक हीलर भी। मैंने लोगों को प्रेरणा, अध्‍यात्‍म और प्रार्थना की शक्ति के बारे में बताया।

जब चंद्रमौलि से पूछा गया कि उन्‍हें लगातार 24 घंटों तक बोलने की प्रेरणा कैसे मिली, तो उन्‍होंने बताया, ‘मेरी गरीबी रेखा से नीचे के परिवार में रहने वाली एक लड़की से बातचीत हुई थी। उसने 2018 के शुरू में रोटरी स्‍कॉलरशिप के लिए आवेदन किया था। उसकी मां लोगों के घरों में काम करती थीं लेकिन उस बच्‍ची ने अकाउंट्स जैसे विषय मे 95 प्रतिशत से अधिक नंबर प्राप्‍त किए थे। इसी समय मुझे ख्‍याल आया कि इस तरह मैं इन बच्‍चों के लिए जरूरी धनराशि जमा कर सकता हूं। ‘

रोटरी इंदिरानगर की प्रोग्राम कमिटी के चेयरमैन और जॉइंट सेक्रटरी, एके सुगनन का कहना है, ‘हमने 600 छात्रों की पहचान की है यह संख्‍या 1000 तक पहुंच सकती है। इस पहल का मकसद गरीब छात्रों की मदद करना है ताकि उन्‍हें स्‍कॉलरशिप मिल सके।